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UNPEN - Poetry, Songs & Stories by Sarvajeet D Chandra in Hindustani & English Cover
UNPEN - Poetry, Songs & Stories by Sarvajeet D Chandra in Hindustani & English Profile

UNPEN - Poetry, Songs & Stories by Sarvajeet D Chandra in Hindustani & English

Hindi, Arts, 1 season, 53 episodes, 2 hours, 3 minutes
About
The podcast is about the poems, songs and stories of Sarvajeet D Chandra in english and hindustani. It features his poems, musings, stories and writings. Occasionally he will also share stories and songs of others which resonate with him. Sarvajeet is based in Mumbai, India. He writes on life, love, longing, romance, purpose etc.
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तुम्हारे हिस्से की मोहब्बत - सर्वजीत Tumhare Hisse Ki Mohabbat - Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra

तुम्हारे हिस्से की मोहब्बत - सर्वजीत तुम भूल जाओ बेशक ,याद करो न कभी उजड़े घर में तुम्हारी खुशबू अब भी आती है तुम्हारा दीदार, सूखे सावन जैसा इंतज़ार तुम्हारे हिस्से की तन्हाई अभी बाकी है तुम छोड़ दो मुझे बेबस ,मँझधार में कहीं तुम्हारी बेवफ़ाई में विवशता नज़र आती है सूनी रात, सूने तारों से लिपटा आसमान तुम्हारे हिस्से की रुसवाई अभी बाकी है ख़ुदा ने उड़ा दिया साथ बैठे दो परिंदों को झूलती हुई डाल में तुम्हारी याद ताजी है ना मिलीं तुम, छान लिया मोहल्ला, आसमाँ तुम्हारे हिस्से की जुदाई अभी बाकी है यह सच है कि हमारे इश्क में वो शिद्दत नहीं मैं हूँ आवारा मदहोश, तू एक हसीं साक़ी है बेशकीमती नहीं, चलो दो कौड़ी की सही तुम्हारे हिस्से की मोहब्बत अभी बाकी है Connect with Unpen on Social Media One Link : https://campsite.bio/tounpen Podcast Page https://podcasters.spotify.com/pod/show/unpen Instagram : https://www.instagram.com/2unpen/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/2unpen Contact Sarvajeet on [email protected]
12/13/20232 minutes, 10 seconds
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When Love is Gone - A Poem by Sarvajeet D Chandra

When Love is Gone - Sarvajeet When love is gone, Our hearts sink deep, Into a cold ocean bed, Feelings disperse in winter winds. Weary silence sits in once-fun-filled rooms, Pets run away and become wild, Stars that sparked our nights darken and dim. Regrets sneak into a colourless world, Our cozy house crumbles to dust, Birds visiting our garden, do not sing. Our words become knives, Emptiness fills spaces between the sheets, We are deaf to each other's heartbeats. Trees choose sides, split vertically in two, We depart with suitcases, packed long ago, Our story spins backwards into time. Soulmates become strangers, Swallowing our souls, Our psyches seared with a thousand scars, Leaving behind a trail of heartless hearts. Connect with Unpen on Social Media One Link : https://campsite.bio/tounpen Podcast Page https://podcasters.spotify.com/pod/show/unpen Instagram : https://www.instagram.com/2unpen/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/2unpen Contact Sarvajeet on [email protected] #LostLove  #Heartbreak  #MovingOn #BrokenHearts  #Soulmates #NewBeginnings  #LettingGo  #Relationships #LoveLost #TimeHeals #Separation #PainfulMemories #EndOfLove  #BreakupBlues #LoveAndLoss    #sadpoetry #Heartbrokenstatus #loveisgone #loveisdead #sadlovestory    #reflectionspoetry    #poemsoftheday     #indianpoetrylovers #heartbroken #heartbroke #heartbreaks #heartbrokensong #heartbrokenpoetry
11/23/20232 minutes, 16 seconds
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तेरे दिल का रास्ता - सर्वजीत Tere Dil Ka Rasta - Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra

तेरे दिल का रास्ता - सर्वजीत जीवन की शाम जब आती है तो घर के लिये दिल मचलता है उम्र गुज़र गई, हम ढूँढते ही रहे किस मोड़ पर तेरे दिल का रास्ता है तेरी आरज़ू चंद कवितायें बन गयीं तेरी हसरतों की हसरत करते ही रहे अगर ग़ौर से पढ़ती, इल्म होता तुम्हें मेरे लफ़्ज़ों में तेरा अक्स झलकता है एक पौधा हूँ जो कभी उगा ही नहीं अनखिली कलियों का दम भरता है तनहाइयों से काम चलता है लेकिन तेरी क़ुर्बत के लिए दिल तरसता है एक मिट्टी से बनी हम दोनों की रूह एक लय पर अपना दिल धड़कता है तेरे उजाले, बसंत की चाह नहीं मुझे दिल ढूँढता तेरे दर्द, ग़म का रास्ता है उम्र गुज़र गई, हम ढूँढते ही रहे किस मोड़ पर तेरे दिल का रास्ता है Connect with Unpen on Social Media One Link : https://campsite.bio/tounpen Podcast Page https://podcasters.spotify.com/pod/show/unpen Instagram : https://www.instagram.com/2unpen/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/2unpen Contact Sarvajeet on [email protected] #दिल #आरज़ू  #क़ुर्बत #दर्द  #दर्दभरीकविता # #हिंदीशायरी #हिंदीकविताएँ #हिंदीकवितासंग्रह #इश्क #चाहत #आस #तड़प #उदासी #अकेलापन #बिछड़ना  #प्रेमकविता  #रोमांटिककविता #hindilovepoems  #premkavitahindi #premkavitahindimein  #mohabbatshayari #ishqshayaristatus #दिलकारास्ता #sadshayari #tootadilpoem 
9/28/20232 minutes, 5 seconds
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तुम्हारी परिभाषा - सर्वजीत Tumhari Paribhasa - Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra

तुम्हारी परिभाषा - सर्वजीत तुम अपनी जाती नहीं हो ना धर्म, ना आधार का नंबर ना लिबास, ना हुलिया ना अपनी औपचारिकता ना बैंक बैलेंस, न दर्जा ना तुम्हारे बारे में किसी की राय ना अपनी परिस्थितियों की उपज ना तुम्हारा अहंकार, ना किसी दौड़ के चूहे तुम तुम्हारे शब्द हो, और खामोशियाँ भी अपनी हँसी की शरारत हो, ज़ोर सा ठहाका वह गाथाएँ, उपन्यास, किताबें जो तुमने पढ़ी हैं वो गाँव-शहर जहाँ तुमने जीवन बिताया है तुम्हारे पिता का गर्व से उठा हुआ सर हो माँ के मुन्ना-मुन्नी, गंगा जमुना तहज़ीब हो दोस्तों का गली गलौज वाला अपनापन हो तुम्हारे संस्कार, अदब, बड़ों का लिहाज़ हो वो पल हो, जिनका तुमने खूब आनन्द लिया वो स्थल जो तुमने गर्मियों की छुट्टी में घूमे भूले-बिसरे लोकगीत, जो तुम चाव से गाते हो अपने अंदर की रोशनी, अटल विश्वास हो वह चुनौतियाँ, वह वादे जो तुमने निभायें हैं वह सब हो जिससे तुमने बेइंतहा मोहब्बत की आंसू जो तुमने किसी की याद में बहाये हैं वह गुजरे हुए लोग जो तुम्हें बेहद अज़ीज़ थे हर कदम पर खुलती हुई, एक अद्भुत पहेली हो सपना हो, जो उभर रहा है, बोझिल हो रहा है बेरंग रूह हो, जो जीवन रंगों का रस ले रही है शांत सागर हो, और दिल में उमड़ता तूफ़ान भी आँधियों से बग़ावत करता, जलता चिराग़ हो एक मूल हो, जो फोटो कॉपी नहीं बनना चाहता तुम्हारे विचारों से तामीर होती, एक नयी राह हो अपार ब्रह्मांड हो जो निरंतर फैलता जा रहा है Connect with Unpen on Social Media One Link : https://campsite.bio/tounpen Podcast Page https://podcasters.spotify.com/pod/show/unpen Instagram : https://www.instagram.com/2unpen/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/2unpen Contact Sarvajeet on [email protected] #हिंदीपंक्तियाँ   #हिंदी_कविता    #शायरी    #इंस्पिरेशनलकविता   #हिंदीशायरी, #हिंदीकविताएँ,   #हिंदीशायरीसंग्रह, #हिंदीकवितासंग्रह,  #हिंदीकविता #हिंदीकवितालोकप्रिय #बैंकबैलेंस  #अहंकार  #हिंदीप्रेरणादायक #आत्मविचार #hindithoughts #hindipoetry  #hindipanktiyaan #hindipanktiyan #hindi_poetry  #poetryofthesoul #inspiredpoetry #deeppoetry #panktiyaan  #panktiyan
8/19/20232 minutes, 55 seconds
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A Voyage to the Edge - Poem by Sarvajeet D Chandra

A Voyage to the Edge - Sarvajeet D Chandra  The cosy comforts we cling to In every aspect, constrict our view Venture out, be uncomfortable, alone Life blossoms at the edge of comfort zone The frontier calls, there are new things to see Possibilities are endless, you may truly be free How far you could’ve gone, what you might’ve been It’s never too late to live a life of your dreams Leave the harbour, let shores fade fade from view Start afresh, a new challenge waits for you Shed mediocrity, be an explorer and roam Audacious adventures await, for you to own Go far ahead, beyond the point of return, Ditch monotony for stuff you’ve never done Lose the familiar, embrace the unseen Unleash the self you've forever been Someday your future will intertwine with your past Who knows, you may do your best work perhaps On this journey you’ll find out who you are Your core, of what you are made of Of what soil, spirit, roots, blood A taste will return to your tongue A flavour will come back in your life A colour will fill your barren eyes Connect with Unpen on Social Media One Link : https://campsite.bio/tounpen Podcast Page https://podcasters.spotify.com/pod/show/unpen Instagram : https://www.instagram.com/2unpen/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/2unpen Contact Sarvajeet on [email protected]
8/11/20232 minutes, 56 seconds
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एक शहरी का गाँव - सर्वजीत Ek Shahri Ka Gaav - Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra

एक शहरी का गाँव - सर्वजीत जब गाँव हाईवे से जुड़ जाएगा कोई भूला-भटका, वापस आएगा दौड़ता हुआ शहरी, ग़र थमेगा कभी अपनी जड़ों को कैसे भुला पाएगा? बड़े सपनों को आँखों में लिए गाँव वाला शहर गया था कभी छोटे बचपन की यादें संजोए माँ का घर खाली हो गया तभी इमारतों में बसा, पत्थर सा बन रहा शहरी सालों बाद, अपने गाँव आता है आम के बगीचे, दोस्तों की टोली, टपरी एक दिन में शहरी, बरसों जी जाता है चंद घरों की बस्ती, जंगल से जुड़ी गाँव कहाँ शुरू, ख़त्म हो जाता है अपनी है नहर, ज़मीन, टीले, आसमां फ्लैट में क़ैद शहरी, रिहा हो जाता है दो ढलानों के बीच, सुंदर घाटी की सैर फूलों की तरह, शहरी खिल सा जाता है अपना सा पड़ोस, जहाँ है खुशी की गूंज समय धीमा, शहरी भी थम सा जाता है जितनी है ज़रूरत, उतना क़ुदरत ने दिया  गाँव छोटी  ख़ुशियों में खुश हो जाता है जितना है पर्याप्त है, गुजर-बसर के लिए थका-हारा शहरी, माँ के आँगन में सो जाता है Connect with Unpen on Social Media One Link : https://campsite.bio/tounpen Podcast Page https://podcasters.spotify.com/pod/show/unpen Instagram : https://www.instagram.com/2unpen/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/2unpen Contact Sarvajeet on [email protected] #गाँव #शहरीज़िंदगी  #शहरीजीवन  #बचपन  #माँ #शहरगाँव #हाईवे # #गाँवकेजीवन #प्रकृतिप्रेम   #गाँवज़िन्दगी  #गाँववालीबातें  #माँकाघर  #हिंदीपंक्तियाँ   #हिंदी_कविता    #शायरी    #हिंदीशायरी #हिंदीकविताएँ  #हिंदीकवि  #हिंदीकवितासंग्रह,  #हिंदीकविता 
5/20/20232 minutes, 44 seconds
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Of Heartstrings, Roots & Wings - Poem by Sarvajeet on Father Son Bond

Of Heartstrings, Roots & Wings - Sarvajeet D Chandra A father’s bond with a growing son Is full of unspoken words Fleeting moments of tenderness An occasional flash of rebellion Odd scuffle for the mother’s attention It needs laughs, conversations Bonhomie over sports and cars Debates over Elon Musk and Mars When the son was a small child The father was a tree with bright eyes In his shelter, life was full of joy On his branches the child could dream & fly As the young man prepares to take flight The father frets to impart the lessons of life The boy needs to grow, be unshackled, undone A father’s dormant desires, speaks to his son Son learns from a father’s example each day To be truthful, live in a compassionate way As souls they’ve journeyed through time and space Shared springs, victory, winters, disgrace A father prays his son will journey light Free of expectations, anxieties, fright Free from the karma of ancestors before May he find his path and journey more Father knows he must believe in his boy Youth must chase what fills its heart with joy And though it’s hard for him to step aside He'll offer to be a friend, to be a guide One day the father will be grey and weak He’ll wonder if my son ever thinks of me He’ll miss the boy who slept on his tummy Who smelt of love, burps, milk and honey Finally the father will fade into gold dust and air His son may sense that he is still there In the high rise, recliner, empty cup of tea In the old car, in the congested city street In blurred skylines, the edges of the sea In his soul, in the warmth of the winter sun The fathers eyes will always guard his son (This poem is dedicated to my son Aarav Chandra & my late father Dr. Dinesh Chandra) Connect with Unpen on Social Media One Link : https://campsite.bio/tounpen Podcast Page https://podcasters.spotify.com/pod/show/unpen Instagram : https://www.instagram.com/2unpen/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/2unpen Contact Sarvajeet on [email protected] #FatherSonBond #LessonsOfLife #GrowingUp #FatherAndSonLove #FamilyLove #Fatherhood #Fatherson#FatherlyAdvice #GrowingTogether#FamilyTraditions #FathersDay #BestDadEver #DadLife #DadAndKids #LoveMyDad
5/1/20233 minutes, 56 seconds
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रूह की शबनम - सर्वजीत Ruh Ki Shabnam- Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra

रूह की शबनम - सर्वजीत मैं बहुत कुछ चाहता था तुझमें  उजालों के संग, तेरा अंधकार मिठास के साथ, तेरा कड़वापन रातों के बिखरे हुए तेरे बाल  तेरी ख़लिश, बेबस सी मुस्कान तेरी सुबह की नींद भरी आवाज़ तेरी आशंकाएँ, टूटे हुए सपने सोंधी मिट्टी सी तेरी ख़ुशबू तेरे बदन पर खिलते गुलाब  तेरे कंधे पर खरोंच के निशान  तेरे आँगन के जलते-बुझते दीप तेरी बाँहों का ज़ोर से चिमटना काँटों से चुभते, बेचैन नाख़ून पहाड़ी फूलों से भरे तेरे रास्ते मंज़िल ढूँढते, तेरे भटके कदम  स्वाभिमान से भरी तेरी आँखें तेरी हसरतें, अधूरी सी मुराद  तेरा नूर, सर का दिलकश झुकाव झलकती हुई पलकों की खामोशी  बिना तारों का, तेरा ख़ाली आसमान  मैं इस दुनिया में कुछ भी चाह सकता था पर झड़े पत्ते, ठंड में छुपी बहार चाहता था  तेरी विभिन्नताएँ, तेरे रद्द-ओ-बदल मौसम तेरी रूह की शबनम, तेरा सार चाहता था  Connect with Unpen on Social Media One Link : https://campsite.bio/tounpen Podcast Page https://podcasters.spotify.com/pod/show/unpen Instagram : https://www.instagram.com/2unpen/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/2unpen Contact Sarvajeet on [email protected]   #shayeri #shayri #hindithoughts #hindipoetry #hindipoet #hindipanktiyaan #hindipanktiyan   #hindi_poetry     #हिंदीपंक्तियाँ  #hindipoetry #हिंदी_कविता #shayariforlove    #hindilovepoems #shayariforlove  #प्रेमकविता 
3/11/20232 minutes, 7 seconds
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परिंदों से भरा आसमान - सर्वजीत Parindon Se Bhara Aasman - Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra

परिंदों से भरा आसमान - सर्वजीत हर किसी को अपनी खोज से  मुख़ातिब करा दे मालिक  कई नीरस जीवन सुधर जायेंगे जो बेरंग, नाशाद, सुस्त से बैठे हैं  किसी तलाश में मसरूफ़ हो जाएँगे जीवन में एक नया आशय पायेंगे मूक, असहाय, अन्याय सहते हुओं को अपनी आवाज़ से परिचित करा दे मालिक  जर्जर नाव में बैठे, तूफ़ानों से भिड़ जायेंगे  बार बार टूट कर, जुड़ने का साहस पायेंगे दरिन्दों से स्वाभिमान, हक़ छीन लेंगे अपना बहाने नहीं, संवृद्धि के रास्ते खोज लायेंगे पंख हैं, पर मछली बन बेढब तैरते हैं  अपनी आशंकाओं से ही घिरे रहते हैं  किसी और के सपनों को रोज़ जीते हैं ख़ुद के हुनर से रूबरू करा दे मालिक  फिर सब अपना खेल खेलेंगे, गीत गायेंगे ख़ाली आसमान, परिंदों से भर जाएँगे  Connect with Unpen on Social Media One Link : https://campsite.bio/tounpen Podcast Page https://anchor.fm/tounpen Instagram : https://www.instagram.com/2unpen/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/2unpen Contact Sarvajeet on [email protected]  #shayeri #shayri #hindithoughts #hindipoetry #hindipoet #hindipanktiyaan #hindipanktiyan #hindiwriterscommunity  #hindi_poetry #hindipoetryisnotdead #hindipoetrywriter #hindipoetryislove   #हिंदीपंक्तियाँ #shayariforever #hindipoetry #हिंदी_कविता 
2/9/20232 minutes, 12 seconds
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River of Twilight Stars - Poem by Sarvajeet D Chandra

River of Twilight Stars - Sarvajeet D Chandra Silence is not the language of love For love must speak with heart and soul As cold sullen nights pass us by Love should cuddle up and console When the sky is cloudy, forests dark Love keeps flying with a broken wing Quells deep, murky fears in our soul Fills our deserts with wildflowers, spring  For who am I, if I am not yours Love should reassure a wavering heart With vivid crayons, re-colour our world  Flow again, with river of twilight stars Does it matter if you are my first or last Love should rebuild, embrace our dark Light up where no sun bothers to shine  Cherish our flaws, un-hide our scars  Connect with Unpen on Social Media One Link : https://campsite.bio/tounpen Podcast Page https://anchor.fm/tounpen Instagram : https://www.instagram.com/2unpen/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/2unpen Contact Sarvajeet on [email protected] #lovepoetry #lovestory #desiringyou  #loveandlonging #poemsoflove #loveandlove  #Unpen #indianpoetrylovers #poetryofthesoul #indianpoetryinenglish  #inspiredpoetry #deeppoetry #poetsofindia   #poemforthesoul  #soulfulpoetry   #seriouspoetry  #indianpoetryinenglish #englishpoetry 
1/24/20232 minutes, 8 seconds
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पूरा नहीं, अधूरा सा - सर्वजीत Poora Nahin, Adhoora Sa - Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra

पूरा नहीं, अधूरा सा - सर्वजीत अपने होने का एहसास चला जाएगा सितारा भटककर ज़मीं में बस जाएगा  ज़िंदगी जीकर चली जाएगी मुझको  तुम्हारी कशिश को कोई कैसे मिटाएगा जिस शाम के हवाले, छोड़ गए तुम कभी उन ढलते उजालों में जीवन बीत जाएगा माँगी हुई ख़ुशियों से दामन भर लूँगा मैं बुझे हुए दीपों से कोई रात को बहलायेगा उम्र भर की बातें मुझे, जो करनी हैं तुमसे उन हसरतों का शोर, ख़ामोश रह जाएगा  तुम्हारे लिए तैयार हूँ, ऐसा लगा ही नहीं यह इश्क़ कविता में ही सिमट जाएगा   भटक ना जाऊँ, तेरी खोज में निकला नहीं  तेरी राहों में मेरा सुर्ख़  इंतज़ार रह जाएगा  तेरी तरफ़ आँख भर के कभी देखा ही नहीं  यक़ीन था ही नहीं कि प्यार पूरा हो जाएगा Connect with Unpen on Social Media One Link : https://campsite.bio/tounpen Podcast Page https://anchor.fm/tounpen Instagram : https://www.instagram.com/2unpen/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/2unpen Contact Sarvajeet on [email protected] #shayariforlove    #hindilovepoems #shayariforlove  #प्रेमकविता #premkavitahindi  #premkavitahindimein #premkavita #mohabbatshayari #pyarmohabbatshayari #mohabbatshayaristatus  #ishqshayaristatus  #seperation     #unfulfilledlove    #unfinishedpoem   #sadpoetry  #sadshayari  #sadlovestory  #brokenheart   #unfulfilledlove  
12/19/20222 minutes, 26 seconds
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Half a Sunset - Poem by Sarvajeet D Chandra

Half a Sunset - Sarvajeet D Chandra A city of half a sunset The other half of sunset, unseen A city of half an acquaintance  The other half, a gaggle of unfamiliar beings  The elephant deity wages a fiery battle  Against monsters of half-truths, deceit As the pandemic adds a mask To  the multitudes of faces we wear  The skyscrapers gaze quietly  Half-listening to my voiceless songs The in-between-ness of a migrant life The blank, blank emptiness of days Sleek billboards sell half-baked dreams What we possess never seems enough  Rejigger yourself, add speed and shine Keep running, you aren’t good enough  I try hard to take the city out of me In a distant resort, full of sea and stars The city fumes inside, it’s discontent Keeps lingering like a half-hearted exile The sea comforts me in many ways It devours the grisly yesterdays in me Reconditions my half-happy tomorrows As I ebb and flow again, with streams of strangers Connect with Unpen on Social Media One Link : https://campsite.bio/tounpen Podcast Page https://anchor.fm/tounpen Instagram : https://www.instagram.com/2unpen/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/2unpen Contact Sarvajeet on [email protected] #poetrylovers #poetsofyoutube #poetrycorner #Unpen #indianpoetrylovers #poetryofthesoul #indianpoetryinenglish #poemsbyme #inspiredpoetry #deeppoetry
11/23/20222 minutes, 48 seconds
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Un-Prince Charming - Poem by Sarvajeet D Chandra

Un-Prince Charming - Sarvajeet D Chandra Sharing coffee on a cold evening  Witty banter, well past midnight  Eyes only on me, in a crowded room A emphatic ear, to a hard life tale Voice notes, full of fun and frolic Long, handwritten, mushy messages  A clumsy, relaxing shoulder massage Laughing at oneself, silly, goofy jokes  Holding hands playfully like children  Disheveled hair, lazy sleepy grin Full sleeved shirt, folded till elbows These are things in him that turn me on I like him imperfect, messy, unwhole Wake me, next to him, says my soul Connect with Unpen on Social Media One Link : https://campsite.bio/tounpen Podcast Page https://anchor.fm/tounpen Instagram : https://www.instagram.com/tounpen/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/tounpen Contact Sarvajeet on [email protected] #indianpoetryinenglish #englishpoetry #indianenglishpoetry  #lovepoetry #lovestory #desiringyou #intimate #loveandlonging #poemsoflove #loveandlove  #poetrycorner #Unpen #indianpoetrylovers #poetryofthesoul  #poemsbyme #inspiredpoetry #deeppoetry
10/27/20222 minutes, 8 seconds
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मंज़िलों का सफ़र - सर्वजीत Manjilon Ka Safar - Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra

मंज़िलों का सफ़र - सर्वजीत मंज़िलों तुम चलती रहना रास्तों की तरह जब तुम रुक गयीं मैं भी ठहर जाऊँगा किसी मुक़ाम पर ग़र पहुँचा तो शायद मैं थम जाऊँगा सफ़र है तो सांसें हैं मेरी सफ़र है तो हैं सपने कभी कहीं दो पल के लिए अपना मौसम भी छाएगा  एक पड़ाव होगा ऐसा भी जहाँ मुसाफ़िर बसना चाहेगा  मंज़िलों तुम फिर भी चलती रहना  मेरे पाँवों को चलने की आदत है हसरत जब तक है तुम्हारी हर सुबह में एक अँगड़ाई है हर शाम देखती है राह अपनी हर रात गहरी नींद आयी है  मंज़िलों तुमसे है हस्ती अपनी तुमसे है बेचैनी, आशा-निराशा कभी बाहर तुम्हें, अंदर तलाशा  तुम बदल गयी, मैं बदलता रहा  इस खेल में जीवन ढल सा गया सफ़र ही अपना घर बन सा गया  Connect with Unpen on Social Media One Link : https://campsite.bio/tounpen Podcast Page https://anchor.fm/tounpen Instagram : https://www.instagram.com/tounpen/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/tounpen Contact Sarvajeet on [email protected] #shayeri #shayri #hindithoughts #hindipoetry #hindipoet #hindipanktiyaan #hindipanktiyan #hindiwriterscommunity  #hindi_poetry #hindipoetryisnotdead #hindipoetrywriter #hindipoetryislove   #हिंदीपंक्तियाँ #shayariforever #hindipoetry #हिंदी_कविता 
9/26/20222 minutes, 18 seconds
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All My Heart - Poem by Sarvajeet D Chandra

All My Heart - Sarvajeet D Chandra If I really loved you with all my heart Whiffed you in the wind at the quay Felt your hair in the monsoon drizzle I know you will show up, one day If I really yearned for a life together  With streams, woods & birds at play Frozen rivers, wintry air in our lungs Your cosy log-hut will stop me one day If I really felt the melody in my heart Felt desires in a broken season, grey Parts of me, scattered in your skies  That song will come to me one day If I really saw you, as part of my dream My caravan, tribe, lighthouse, my bay Lifetimes, destinies separate you and me  Our pathways will intertwine, one  day Connect with Unpen on Social Media One Link : https://campsite.bio/tounpen Podcast Page https://anchor.fm/tounpen Instagram : https://www.instagram.com/tounpen/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/tounpen Contact Sarvajeet on [email protected] #poetrylovers  #poetrycorner  #indianpoetrylovers #poetryofthesoul #indianpoetryinenglish #poemsbyme #inspiredpoetry #deeppoetry #poetsofindia   #profoundwords #poetryofthesoul #poemforthesoul  #soulfulpoetry  #indianenglishpoetry  #lovepoetry #lovestory #desiringyou  #loveandlonging #poemsoflove  #loveforever
9/19/20221 minute, 39 seconds
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तेरा आसमाँ -सर्वजीत Tera Aasman - Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra

तेरा आसमाँ -सर्वजीत सुबह मुस्कुराने में  दर्द भरी शाम लगती है तेरी भीनी ख़ुशबू में खिली कलियों की सौग़ात लगती है  तुमको क्या है मालूम यह दिन कैसे बीतते हैं मेरी घोर निराशा में छुपी सदियों की आस लगती है  अपने दिल की धड़कनों पर पल-दो पल तो एतबार कर  तेरी रज़ा-मंद मींची आँखों में मेरे गीतों की झंकार लगती है तेरे रिमझिम से सावनों में  मेरी तचती प्यास लगती है नीम-निगह खामोशी में तेरी ख़ुश-नुमा निबाह लगती है  जाने कैसे गुजरेगा यह  तेरे ग़म, कमी का मौसम  तेरे इत्तेफाकन मिल जाने में  मेरी पुर-उम्मीद दुआ लगती है  बहुत आसान है अनजान बेरुख सा, हो जाना तेरा  तेरे आसमाँ की उड़ानों में मेरी धरा की साँस लगती है  Connect with Unpen on Social Media One Link : https://campsite.bio/tounpen Podcast Page https://anchor.fm/tounpen Instagram : https://www.instagram.com/tounpen/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/tounpen Contact Sarvajeet on [email protected] #shayariforlove     #hindilovepoems #shayariforlove  #प्रेमकविता #premkavitahindi  #premkavitahindimein #premkavita #mohabbatshayari #pyarmohabbatshayari #mohabbatshayaristatus  #ishqshayaristatus  #unfulfilledlove     #sadpoetry #sadshayari  #shayeri #shayri #hindithoughts #hindipoetry #hindipoet #hindipanktiyaan #hindipanktiyan #hindiwriterscommunity  #hindi_poetry #hindipoetryisnotdead #hindipoetrywriter #hindipoetryislove   #हिंदीपंक्तियाँ r #hindipoetry #हिंदी_कविता 
9/8/20222 minutes, 3 seconds
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हर दिल तिरंगा - सर्वजीत Har Dil Tiranga - Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra, Inspired by Har Ghar Tiranga to Celebrate Azadi Ka Amrit Mahotsav

हर दिल तिरंगा - सर्वजीत हर घर रोटी, हर घर रोज़गार  हर घर सादगी, हर घर संस्कार हर घर तिरंगा हर घर प्रगति, हर घर सम्मान हर घर निडरता, हर घर ईमान हर घर तिरंगा हर घर खेल-कूद, हर घर आरोग्यता हर घर पोषण, हर घर जागरूकता  हर घर तिरंगा हर घर गाँधी, हर घर  कलाम हर घर विद्या, हर घर इलहाम हर घर तिरंगा हर घर पक्की छत, हर घर नारी सम्मान हर घर प्रदूषण रहित, हर घर स्वाभिमान हर घर तिरंगा हर घर खुलापन, हर घर भाईचारा हर घर एकता, हर घर जयकारा हर घर तिरंगा बेघर के भी, दिल में घर तिरंगा शहीदों के हौसलों का घर तिरंगा हर दिल तिरंगा, हर उमंग तिरंगा आजादी का अमृत महोत्सव - स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगाँठ पर ‘हर घर तिरंगा’  Connect with Unpen on Social Media One Link : https://campsite.bio/tounpen Podcast Page https://anchor.fm/tounpen Instagram : https://www.instagram.com/tounpen/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/tounpen Contact Sarvajeet on [email protected] #indianindependenceday #azadikaamritmahotsav #आजादी_का_अमृत_महोत्सव #आज़ादी_का_अमृत_महोत्सव #आजादीकाअमृतमहोत्सव #harghartiranga #harghartiranga_अभियान_से_जुड़ें #हरघरतिरंगा #हरघरतिरंगा_अभियान #swatantradivas #स्वतंत्रतादिवस #स्वतंत्रता_दिवस #75thindependenceday #75years #75yearsofindependence #75yearsoffreedom #amritmahotsav #amritmahotsava #seventyfiveyears #indianindependenceday #azaadimubarak #harghartringa #हरघरतिरंगा_अभियान #आजादीकाअमृतमहोत्सव #आजादी_की_75वीं_वर्षगांठ #आज़ादी_गौरव_यात्रा #aazadi_mubark #happyindependenceday #happyindependenceday #happyindependencedayindia
8/14/20221 minute, 55 seconds
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भूला बिसरा याराना - सर्वजीत Bhula Bisra Yarana - Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra

भूला बिसरा याराना - सर्वजीत  महीने बीत जातें हैं जिनके इंतजार में वह दोस्त आते नहीं अब गली, बाज़ार में कब तक सीने से लगा रखूँ दोस्ती को  आँखों से कैसे कमी निकालूँ मैं बावरे गम नही संध्या में महफिल नही सजती चिराग़ जलते बुझते, सुख़न-वरों के आसरे रंज नही यारों को याद नहीं आती  आस-पास रहकर भी, दिलों में फ़ासले दोस्ती इक्के-दुक्के से प्रगाढ़ होती थी सैकड़ों अजनबी, ऑनलाइन मैत्री के वास्ते  क्यूँ कोई किसी का एतबार नही करता अनजान शहर में खोजूँ, चिर परिचित रास्ते Connect with Unpen on Social Media One Link : https://campsite.bio/tounpen Podcast Page https://anchor.fm/tounpen Instagram : https://www.instagram.com/tounpen/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/tounpen Contact Sarvajeet on [email protected] #याराना #यारी #दोस्ती  #दोस्ती_होती #मित्रता #मित्रता_दिवस_की_हार्दिक_शुभकामनाएं #friendshipdayspecial #friendshipdaycelebration #साथी #यारी_दोस्ती #दोस्त #दोस्तों  #दोस्तों_की_महफ़िल #yarana #yaariyan   #yaarihai #yaaridosti #pakkiyaari #apniyaari #kaisiyehyaariaan #dostiyaari #dostishayari #dostishayri 
8/3/20222 minutes, 5 seconds
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When It Ends - Poem by Sarvajeet D Chandra

When It Ends- Sarvajeet D Chandra There will be No fights over dozens of calls No social posts alluding to disputes No doors bolted, no food left cold No sullen nights, no coldish days No rushing out of the car in a huff No solitary walk in rain, wet and wintry No frumpy skeletons, out of the closet No un-following, un-liking, un-loving No scars to hide, no broken promises No flurry of texts written and deleted Nothing will be obligatory Except A look that is devoid of love Lonely winter tree, devoid of birds An empty look with no memories Empty of monsoon songs, of spring As if I had made you up in my head A look you would give to an outlander That will suffice. Connect with Unpen on Social Media One Link : https://campsite.bio/tounpen Podcast Page https://anchor.fm/tounpen Instagram : https://www.instagram.com/tounpen/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/tounpen Contact Sarvajeet on [email protected] #heartbreak #brokenheart #seperation     #unfulfilledlove     #sadpoetry #seperation  #heartbrokenstatus #loveisgone #loveisdead #sadlovestory   #poetrylovers #poetsofyoutube #poetrycorner #Unpen #indianpoetrylovers #poetryofthesoul #indianpoetryinenglish  #deeppoetry  #poetrylover #reflectionspoetry    #poemsoftheday   #poetryporn #poetsofindia   #indianpoetrylovers #poetrylover #reflectionspoetry  #poemsoftheday  #poetryporn #poetsofindia  #indianpoetrylovers #heartbroken #heartbroke #heartbreaks #heartbrokensong #heartbrokenpoetry
7/16/20222 minutes, 2 seconds
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कभी भर गया, कभी ख़ाली रहा - सर्वजीत Kabhi Bhar Gaya, Kabhi Khali Raha, Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra

कभी भर गया, कभी ख़ाली रहा - सर्वजीत कभी ख़फ़ा, कभी ख़ुशगवार हूँ कभी ठीक हूँ, कभी ख़राब हूँ कभी मसरूफ़, कभी हूँ मुंतज़िर  तेरा ढलता उभरता ख़ुमार है कभी थम गया, कभी चढ़ गया कभी याद किया, कभी भुला दिया  कभी बुझा हूँ, कभी जला हुआ  कभी सहर हूँ, कभी साँझ सा  तेरा वजूद, जैसे कोई सराब है कभी मिल गया, कभी बिछड़ गया कभी आफ़ताब हूँ, अन्धकार हूँ कभी वीरान हूँ, कभी आबाद सा कभी पाया तुम्हें, कभी खो दिया तेरा दीदार एक भिक्षा पात्र है कभी भर गया, कभी ख़ाली रहा  कभी ज़र्रा हूँ, कभी कायनात हूँ कभी सबा हूँ, कभी तूफ़ान सा कभी जिस्मानी, कभी रूहानी तेरा फ़ितूर, एक फ़क़ीर है कभी रुक गया, कभी चल पड़ा Connect with Unpen on Social Media One Link : https://campsite.bio/tounpen Podcast Page https://anchor.fm/tounpen Instagram : https://www.instagram.com/tounpen/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/tounpen Contact Sarvajeet on [email protected] #shayariforlove    #चाह  #hindilovepoems #shayariforlove  #प्रेमकविता  #premkavitahindi  #premkavitahindimein #premkavita #mohabbatshayari #pyarmohabbatshayari #mohabbatshayaristatus  #ishqshayaristatus #फ़ितूर  #दीदार #ख़ुमार #फ़क़ीर  #shayeri #shayri #hindithoughts #hindipoetry #hindipoet #hindipanktiyaan #hindipanktiyan  #hindi_poetry #hindipoetrywriter #hindipoetryislove   #हिंदीपंक्तियाँ #shayariforever #hindipoetry #हिंदी_कविता 
6/19/20222 minutes, 5 seconds
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Happiness Unfettered -Poem by Sarvajeet D Chandra

Happiness Unfettered -Sarvajeet D Chandra The endless pursuit of happiness A fabled island of incredible tales Rumours of trips full of excitement Of rueful travellers that never arrive Chasing happiness in a lucent future Ignoring daily activities filled with joy As little birds chirp on a flowering tree Share a cup of tea, if the kettle is free How little we need to be merry Childlike silliness and days light up The glee of finding your whacky tribe Of senseless chatter with old friends The elation of doing what you truly love Optimizing for independence, not fame Of binging on movies, all workday long Work on a Sunday, if an idea comes along Contentment of a tiny speck on timeline Unfussed over appearing ‘cool’ to others A nun’s bowl is full of food and flowers Her smile fills a barren road with spring Elation of finding a worthwhile cause A kind act, not meant to be noticed Of giving someone a morsel of hope As an ocean of gratitude fills our lives Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media One Link : https://campsite.bio/tounpen Podcast Page https://anchor.fm/tounpen Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/tounpen Contact Sarvajeet on [email protected] #happiness #happinesssong #happinessstatus #happinessquotes #poetrylovers #poetrycorner #Unpen #indianpoetrylovers #poetryofthesoul #indianpoetryinenglish #poemsbyme #inspiredpoetry #deeppoetry
5/19/20222 minutes, 35 seconds
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पीपल की छाँव - सर्वजीत , Peepak Ki Chaav - Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra

पीपल की छाँव - सर्वजीत बहुमंज़िलों में रह, बादलों सा हो गया  ना आसमाँ का हुआ, ना ज़मीं का रहा  अपने वजूद को भीड़ में खोता ही गया  सादगी बेच, ग़रूर किश्तों में लेता गया  इतना वीरान है, महानगर का मकाँ कि पुरानी यादें भी यहाँ नहीं आती कभी आया था, चंद लम्हों के लिए उम्र बची जो है, गुज़ारी नहीं जाती  सुख रखने की जगह कम है शहर में ख़ुदगर्ज़ी जमा करने के बैंक काफ़ी हैं अपनों से दूर, थी चंद रुपयों की होड़  सूनापन, मूक झाँकता पड़ोसी साथी है सच है अपने कस्बे ना गए फिर कभी लेकिन दोस्तों ने भी बुलाया नहीं दुबारा कोई आवाज़ देकर, बुलाएगा कभी इस उम्मीद में दिल बैठा रहा बेचारा  जड़े रही तो पौधे में फिर प्राण आयेंगे भटके हुए कदम, कभी तो संभल जाएँगे रास्ते जो खो गए हैं, फिर मिल जाएँगे  पीपल की छाँव में, एक नींद सो जाएँगे  Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media One Link : https://campsite.bio/tounpen Podcast Page https://anchor.fm/tounpen Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/tounpen Contact Sarvajeet on [email protected] #shayeri #shayri #hindithoughts #hindipoetry #hindipoet #hindipanktiyaan #hindipanktiyan  #hindipoetryisnotdead #hindipoetrywriter #hindipoetryislove  #हिंदीपंक्तियाँ #shayariforever #hindipoetry #हिंदी_कविता #poetrylovers #poetrycorner  
5/3/20222 minutes, 23 seconds
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Mother Tongue - Poem by Sarvajeet D Chandra

Mother Tongue - Sarvajeet D Chandra Memories of a mother’s first words A child gets the drift, understands little Laughs at the silly faces she makes Wears her love in his sparkling eyes Childhoods hidden in unwritten poems Schoolchildren soaked in blackberry rains Pointless joyful runs in open wide fields Tired sunshine body, unwilling to rest Visiting happy relatives in small towns Improper dances to wedding folk songs Mango-drippy afternoons, soaked in glee Midnight raids on cans of sweetmeats Evenings of dad’s office stories, snacks Siblings squabble to sleep next to mom Listening to her old, forgotten melodies Her loving fingers move through our hair Pot-holed roads to grandma’s house A piping hot dinner of her secret recipes Her stories of gods and mythical beings The widening creases of our smile Early years, of a distant past I wonder if I know anyone there, anymore Memories fade and look like dreams Many tales depart untold Faint footfalls of our weary soul Everything changes, except mum’s smile Her love clings to our sleepy eyes A bridge between this lifetime and next Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media One Link : https://campsite.bio/sarvajeetdchandra Podcast Page https://anchor.fm/unpen Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Contact Sarvajeet on [email protected] #profoundwords #poetryofthesoul #poemforthesoul #soulfulpoetry #poemsaboutlife #seriouspoetry 
4/23/20223 minutes, 31 seconds
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सस्ती ज़िंदगी- सर्वजीत Sasti Jindagi - Poem in Hindi by Sarvajeet D Chandra

सस्ती ज़िंदगी- सर्वजीत   सस्ती सी ख़ुशी है अपनी  है सस्ता सा अपना जीवन सस्ती सी अपनी बेख़ुदी सस्ता है अपना पागलपन सस्ती है यह कविता सस्ते से यह अल्फ़ाज़ सस्ते से अपने असरार सस्ती सी रैना बेक़रार सस्ती सी है अपनी दुआ  सस्ती सी एक मुराद सस्ता ख़्वाबों का जहां सस्ता है खुला आसमाँ सस्ती सी है इंसानियत सस्ते हैं अपने जज़्बात सस्ती है सावन की साँझ सस्ती सी है तुम्हारी आस महँगा है यह महानगर महँगी है इसकी दोस्ती महँगी है इसकी इज़्ज़त महँगी है हर इक साँस महँगी चकाचौंध के एवज़ में गिरवी सी है, सस्ती ज़िंदगी Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media One Link : https://campsite.bio/sarvajeetdchandra Podcast Page https://anchor.fm/unpen Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Contact Sarvajeet on [email protected] #poetrylovers  #poetrycorner #Unpen #indianpoetrylovers #poetryofthesoul #indianpoetryinenglish  #deeppoetry
4/14/20222 minutes, 23 seconds
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Un-Yearn - Poem by Sarvajeet D Chandra ; UNPEN Poetry

Un-Yearn -Sarvajeet D Chandra Songs of spring, in a distant land Melodies of joy, fade away easily Waning smell of flowers, bereft of desire The bridge between us...crumbles slowly Deep roots salvage, a dying tree Something lives on, buried in the sand Hope leaks slowly from an old pail Everything of you in me…decays Nights wake up, with a hint of desire Dark clouds scatter untended stories Midnight lingers on, unyielding to twilight Longing for you ….fritters away verily Barren memories of a troubled past Distant mountains mumble to the clouds Westerlies caress your unkempt hair My melancholy poems… un-yearn for you Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media One Link : https://campsite.bio/sarvajeetdchandra Podcast Page https://anchor.fm/unpen Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Contact Sarvajeet on [email protected]  #unpen  #unfulfilledlove  #loveandlonging #poemsoflove #loveisgone #loveisdead #sadlovestory
4/5/20222 minutes, 27 seconds
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कितने वादे -सर्वजीत Kitne Vaade- Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra

कितने वादे - सर्वजीत जितने वादे किये थे तुमसे उनसे ज्यादा तोड़ दिए मैंने  जो दीप कभी जले ही नहीं  आंधी में झोंक दिए मैंने जितने सपने बुन सकता था उनसे बड़ा मायाजाल रचा जो घर कभी बसे ही नहीं तेरे आने पर छोड़ दिए मैंने तेरी कल्पना से कहीं ज़्यादा पात्रों का निर्वाह किया मैंने जो संकल्प किए ही नहीं  अग्नि के आगे तोड़ दिए मैंने कई जीवन के तुम, हमसफ़र अथाह स्नेह के दावे किए मैंने जो दोस्ती कभी की ही नहीं मँझधार में हाथ छोड़ दिए मैंने  Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media One Link : https://campsite.bio/sarvajeetdchandra Podcast Page https://anchor.fm/unpen Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Contact Sarvajeet on [email protected] #poetrylovers  #poetrycorner #Unpen
3/23/20221 minute, 49 seconds
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Sovereignty : Poem by Sarvajeet D Chandra

Sovereignty- Sarvajeet D Chandra I wish you freedom Freedom from trying to be slightly better Being marginally ahead in a wild goose chase Of ferocious battles for really small stakes Of killing each other for a piece of cake I wish you freedom From blending in with the insane crowd Being trampled in the stampede of morons Of everyone rushing into a packed train Desperate to be a pawn in the game I wish you freedom From anxieties of tiny defeats, disgrace The pride of being a perfect rat in the race A life spent ticking someone’s checklist Of being owned by goods we can’t resist I wish you freedom From trying to be a squirrel forced to fly From a fancy job, lofty pedestal in the sky Of everyone outside wanting to get in Of everyone inside wanting to get out I wish you wisdom To shun your clothes, dance nude again Of finding your own, uncluttered lane To find what’s valuable, important to you To sing your song, a beat that rings true Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media One Link : https://campsite.bio/sarvajeetdchandra Podcast Page https://anchor.fm/unpen Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Contact Sarvajeet on [email protected] #poetrylovers  #poetrycorner #Unpen
3/16/20223 minutes, 39 seconds
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मोरे पिया – सर्वजीत का हिंदी में गीत More Piya- Hindi Song by Sarvajeet D Chandra

मोरे पिया मोरे पिया कहे मोरा जिया रहा न जाये तुम्हें पुकारे मतवारी इठलाती सावन की रात   कहा न जाये कुछ याद आये तुम तुम ही हो सब कुछ मेरा ऊँ तरा ऊँ तरा ऊँ तरा रा ऊँ तरा रा ऊँ   सुहागिन सपने लगे जो अपने सिंदूरी रातें कहे जो बातें अग्नि के आगे मुझे अपनाते तुम जो चाहते माँग सजाते विधि के नाते मुझे तुम ब्याहते   काँच की चूड़ियाँ खन-खना-खन-खना खन-खना   मोरे पिया कहे मोरा जिया रहा न जाये तुम्हें पुकारे फागुन में खिली मैं पंखुरिया   कहा न जाये कुछ याद आये तुम तुम ही हो सब कुछ मेरा ऊँ तरा ऊँ तरा ऊँ तरा रा   बादल भी आये बरस न पाये सखियन सारी गयी देश पराये   डोली संग कहार बोले हुन हुना हुन हुना हुन हुना हुन   मोरे पिया कहे मोरा जिया Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media One Link : https://campsite.bio/sarvajeetdchandra Podcast Page https://anchor.fm/unpen Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Contact Sarvajeet on [email protected] #hindipoetry #hindipoet #hindipanktiyaan
3/9/20222 minutes, 47 seconds
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हंस सरीखा मन- सर्वजीत Hans Sarikha Man-Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra

हंस सरीखा मन- सर्वजीत हर वक्त मेरी जिंदगी में तुम जब कभी भी आये उजड़े हुए मंदिर में दीप जलते जायें घटा को जब भूला सावन पतझड़ ने तब गीत गाये हंस सरीखा मन तुम्हारी आस में उड़ता जाये खाली कुआँ , बीत रहा जीवन ठहरा पानी, लहर न उठने पाये जहरीली घास, बंजर बनती जमीं हरे खेतों के स्वप्न देखती जाए पीछा करता जाए पागलपन बारिश नहीं थमने को आये हंस सरीखा मन तुम्हारी चाह में उड़ता जाये पहाड़ी गाँव सी बसी , जिन्दगी जंगल से उलझ, रोशनी भटक जाये सुनसान वादियों में जब कभी अकेली शाम ढलने को आये तुम्हारी भीनी सी मुस्कान पर दिल खिलखिलाकर हँसता जाए हंस सरीखा मन तुम्हारी याद में उड़ता जाये पास चाहें तुम हो जितनी तुम्हें ढूंढता ही रह जाए Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media One Link : https://campsite.bio/sarvajeetdchandra Podcast Page https://anchor.fm/unpen Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Contact Sarvajeet on [email protected] #hindipoetry #hindipoet #hindipanktiyaan
3/2/20222 minutes, 14 seconds
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हर रोज़- सर्वजीत ; Har Roz - Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra

हर रोज़- सर्वजीत ना मिली तुम, ना मिलोगी कभी बेबस सी आरज़ू लिए फिरता हूँ हर रोज़ तुम्हारे बारे में सोचता हूँ हर रोज़ तुम्हें ढूँढा करता हूँ ना कोई रंज है, ना शिकवा तुमसे हँसते हुए अब भी अच्छी लगती हो दूरियों में छिपी कुछ नज़दीकियाँ ख़्वाबों के कूचे में जब मिलती हो सुखी हुई साख छोड़ गयी थी तुम पत्ते और फूल बन, कभी खिलती हो बहार आती है लेकर वीरानियाँ आँखों की नमी में झलकती हो शरर भर इश्क़ था तेरी आँखों में सालों से लगी आग, अब बुझी सी हो तुम्हें देख आती है खुद की याद यादों के मौसम में उभरती हो जो था फ़ितूर तेरा, ढल सा गया है इंतज़ार आँखों में लिए फिरता हूँ हर रोज़ तुम्हारे बारे में सोचता हूँ हर रोज़ तुम्हें ढूँढा करता हूँ Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media One Link : https://campsite.bio/sarvajeetdchandra Podcast Page https://anchor.fm/unpen Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Contact Sarvajeet on [email protected] #hindipoetry #hindipoet #hindipanktiyaan
2/25/20222 minutes, 9 seconds
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Many, Myriad Ways - Poem by Sarvajeet D Chandra

Many, Myriad Ways - Sarvajeet D Chandra I am a grumpy old man frail, flabby, broken by age Witness my verve, vitality on my perky daughter’s face I am an ancient old tree somber, shriveled, staid Behold my lustiness in  orchards, my seeds made I am a dormant volcano  drowsy, buried in sea-bed Marvel at my frenzy, fury in  lovely islands, my lava bred I am a ragged iron mine dry, barren, bereft of ore Celebrate my strength in  mighty bridges, my steel bore I am an old caravan road deserted, long lost, forgotten Revel in the hustle-bustle of cities, en route, that blossom I am a broken lighthouse spurned, deserted by boats Explore my heritage in the melting-pot culture on coast I regenerate, recreate  unabated, again and again In many, myriad ways profound and inane Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media Podcast Page https://anchor.fm/unpen Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Contact Sarvajeet on [email protected]
2/17/20223 minutes, 6 seconds
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Lived-in - Poem by Sarvajeet D Chandra

Lived-in -  A Poem by Sarvajeet D Chandra  Everything seems lived-in When I think of you My journeys seem lived-in  Knee deep in a sea of flowers The mountain wine is lived in Your smell is lived in too My silences seem lived-in The quiet sea at a distance The long walks are lived in  Your scars are lived-in too My memories seem lived-in The last rose of the season Unzipped midnights are lived in Your cleavage is lived-in too My words seem lived in  Your stories in my head  My poems feel lived in I am lived-in too Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media Podcast Page : https://anchor.fm/unpen Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Contact Sarvajeet on [email protected] #poetryofthesoul #poemsaboutlife  #meaningfulpoetry
2/10/20221 minute, 53 seconds
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मैं भी टिकटोकर -सर्वजीत Main Bhi Tiktoker - Poem by Sarvajeet D Chandra

मैं भी टिकटोकर -सर्वजीत भूला-बिसरा सा अपना नगर दोस्तों का मदमस्त टब्बर अपनी अल्हड़ सी ज़िंदगी के क़िस्से तुम्हें सुनाता हूँ रील्ज़ के वीडियो बनता हूँ खुद हँसता हूँ, हँसाता हूँ तुम्हें शायद लगे अटपटी एक कमरे का घर, झोपड़ी खुद अपना मखौल उड़ाता हूँ वाइरल चाहें हो ना हो खूब मज़े तो लगाता हूँ अपने हुनर से बहलाता हूँ अपना छोटा सा मोहल्ला है यह है अपने पुरखों की ज़मीन अपनी गली, सुख-दुःख के साथी मिट्टी से जुड़े क़िस्से दिखाता हूँ सब अपने हैं, है साझा तहज़ीब कूचे-क़स्बे की कथा सुनता हूँ अपने हास्य और व्यंग्य से घमंडी सत्ता से टकराता हूँ शासन से डरता हूँ फिर भी अन्याय से भिड़ जाता हूँ पेट में दो रोटी हो ना हो कैमरे पर मुस्कुराता हूँ नए मौसम आयें, नयी धुन से भरे नयी तिश्नगी के गीत गाता हूँ इक सहर बिछी है सदियों से यहीं उन उजालों को बाँटना चाहता हूँ मेरी आँखों से देखो सपने तुम कभी उन्मुक्त परिंदों से तुमको मिलवाता हूँ Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media Podcast Page : https://anchor.fm/sarvajeet Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Contact Sarvajeet on [email protected]
12/18/20212 minutes, 29 seconds
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खिलौना ही रहा- सर्वजीत Khilauna Hi Raha - Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra

खिलौना ही रहा- सर्वजीत जब तक तुमने खेला नहीं तोड़ा नहीं, फिर जोड़ा नहीं चूमा, हाथों को मोड़ा नहीं कस के गले लगाया नहीं तब तक मैं खिलौना ही रहा दिलबर बन पाया नहीं जब तक बाँहों में थामा नहीं पलंग पर बिछाया नहीं प्यार से बालों को नोचा नहीं सपनों में बसाया नहीं तब तक मैं खिलौना ही रहा हमदम बन पाया नहीं जब तक तुम्हारी कविता में राज कुँवर बन कर आया नहीं तेरी आरज़ू को आँखों में बसा दूर ही रहा, क़रीब आया नहीं तब तक मैं खिलौना ही रहा मीत बन पाया नहीं जब तक तुमने दर्द अपना गीत अपना मुझे बनाया नहीं अपनी यादें, अपनी बातें अपने आँचल में छुपाया नहीं तब तक मैं खिलौना ही रहा हमसफ़र बन पाया नहीं Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media Podcast Page : https://anchor.fm/sarvajeet Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Contact Sarvajeet on [email protected]
12/9/20212 minutes, 9 seconds
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Season of New Leaves - Poem by Sarvajeet D Chandra

Season of New Leaves The yellow season of new leaves All time past, sunk in monsoon waters  Salty tears of your eyes  Your smell clings to me all day long  Blue bubbles of bygone memories  Your teeth-bites burn on my chest  The gossip of hugging tummies  Monsoon desires cling to your dress  My room smells like a stranger to me  Dreams run like screen-savers of thought  You seem like starless wilderness Channels zip in pale monotony  All collapses in a single moment  Of feeling one with the land of five rivers Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media Podcast Page : https://anchor.fm/sarvajeet Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Contact Sarvajeet on [email protected]
11/19/20211 minute, 31 seconds
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काजोल - सर्वजीत Kajol - Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra; अभिनेत्री काजोल से प्रेरित कविता

काजोल (अभिनेत्री काजोल से प्रेरित कविता) देखा जाये तो कहने को क्या है कहनी नही कोई प्रेम कहानी न गीत भूला सा, रोचक किस्सा नही खट्टी-मीठी बात पुरानी तुम चाहें सुनहरे पर्दे पर सही कुछ बातें मुझसे भी करतीं थीं मैं भूल जाता था तब सब कुछ पास तुम थीं मेरे, चाहे पल भर ही पात्र हो, मिथ्या हो शायद ग़ज़ल हो, शायर का कलाम भ्रम हो, जाने फिर भी कैसे तुम्हारी खामोशी के समझूँ पैगाम करीब लगती थी, तुम जैसे पड़ौसी चौराहे के पास कहीं रहती हो गलती से सही, कभी तो दिखोगी जाड़े की धूप में ,छत पर बैठी हो किसी युग में, किसी दुनिया में किसी जलती अंगीठी ठण्ड में कहीं तो संग होगा तुम्हारा किसी सदी के, किसी बसंत में क्यों अक्सर लगता है जैसे तुम अतीत हो, सच्चाई हो आया था यौवन का पहला मौसम तुम पास थीं, फिर मिलने आयी हो Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media Podcast Page : https://anchor.fm/sarvajeet Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Contact Sarvajeet on [email protected] #काजोल #काजोलअभिनेत्री #kajol  #kajoldevgan
10/14/20212 minutes, 11 seconds
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Unfinished Songs - Sarvajeet D Chandra

Unfinished Songs- Sarvajeet One day we may meet again As a traveler meets another  And drink to what could’ve been To our unlike paths that may cross  You appear perfect, fancy makeup Perhaps you’d take off your earrings Lose your filters, awkward smile As moon lights up your pale skin We may gaze distractedly at the sky Air gathers our faint memories  A light drizzle kisses your neck As night becomes your underthings You may recall our youthful spring Longing fed by subterranean rivers Desires clinging to college windows Our dreams together, changed forever  A twilight walk to our favoured spots A tryst of inelegant, unseemly moments We may share a cup of nightbird songs Of rekindled intimacy, broken covenants The bittersweet season of our life  We refill our soul with flowers, butterflies Find words for our unfinished songs As tonight’s tenderness spills into our lives Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media Podcast Page : https://anchor.fm/sarvajeet Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Contact Sarvajeet on [email protected]
9/10/20212 minutes, 46 seconds
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पिहरवा- सर्वजीत. Piharwa, a Hindustani song by Sarvajeet D Chandra

पिहरवा- सर्वजीत पिहरवा, पिहरवा पिहरवा, पिहरवा ख़्वाबीदा, पिहरवा शोरीदा, पिहरवा याद होगा तुझे खुले बालों का जहां अनसोयी रातें भूला अफ़साना सुकून से भरा तेरा मुस्कुराना सितारों से दूर  हमारा आबोदाना पिहरवा, पिहरवा पिहरवा, पिहरवा ख़्वाबीदा, पिहरवा शोरीदा, पिहरवा याद होगी तुझे  मेरी खामोशियाँ सुर्ख़ होंठों का  पुराना याराना फ़ासलों में बसी अपनी नज़दीकियाँ अपने इश्क़ की  मुकम्मल दास्ताँ पिहरवा, पिहरवा पिहरवा, पिहरवा ख़्वाबीदा, पिहरवा शोरीदा, पिहरवा परिंदो की तरह  तेरा उड़ जाना  उदास साँझ का धीरे ढलते जाना  तनहा तेरे बिन कटते दिन कहाँ मुस्कुराए ग़म बेक़रारी भरा जहां पिहरवा, पिहरवा पिहरवा, पिहरवा ख़्वाबीदा, पिहरवा शोरीदा, पिहरवा Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media Podcast Page : https://anchor.fm/sarvajeet Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Contact Sarvajeet on [email protected]
8/27/20212 minutes, 38 seconds
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रहगुज़र - सर्वजीत Rahguzar- Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra

रहगुज़र - सर्वजीत कुछ रास्ते ऐसे होते हैं कि इन्सान को मुसाफ़िर बना देते हैं अगर भूल जाओ, हस्ती को अपनी मंज़िल होगी कहीं, इसका गुमान देते हैं बैठे बैठे सोचते हैं अक्सर कभी बिछड़ा शहर, आँगन कैसा होगा जिस घर को छोड़ दिया पीछे उस घर में राह कोई देखता होगा रास्तों में उलझा रहा अपना सफ़र घर कभी ना फिर कोई नसीब हुआ अकेले दौड़ती रही उम्मीद, तमन्ना ना हमसफ़र, ना कोई अज़ीज़ हुआ क्या यह है सफ़र की इंतिहा कि राह भी थक कर सो गयी है हम रुके नहीं चलते ही रहे मंजिले सराब में खो सी गयी हैं अपनी मर्ज़ी का अपना सफ़र था ना जाने किस दर्द का हवाला था ना ठहरे हुए से तालाब की ठंड थी ना बहते पानी का जोश गवारा था मुसाफ़िर हो जैसा, सफ़र वैसा होता है रहमत हो ख़ुदा की ग़र, मौसम हसीं होता है रहगुज़र खोज लेती ही है खुद-ब-खुद जिस किरदार का राही उसे ढूँढता है Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Contact Sarvajeet on [email protected]
6/10/20212 minutes, 8 seconds
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I Feel All That - Poem by Sarvajeet D Chandra

I Feel All That In my last life We lived in a small village Of butterflies and mango trees We met in orchards, near the village pond The freshness of your smell, your curves Dirt marks, scratches on my back Dry grass, twigs in your tousled hair We misbehaved, sang improper songs Your floral dresses, wind-blown skirt Monsoon evenings, the disorder of your curls Your body, half-open eyes, a river in spate We offered marigolds to the village deity Who lives where mountains melt into the sky We wondered whether the gods heard our prayer Of red bangles, sacred fire, a house somewhere And then one day you stopped coming I still feel that betrayal The loneliness, I felt for the rest of my life Of half-written poems, unfinished paintings Lingering raw taste of midnight kisses The desire to hug you for one last time I feel all that when I meet you in this life I keep looking for you, in your eyes I imagine memories we could’ve had Of bitter winters spent snuggled, encased Petty fights broken by wild embrace I kept loving you, long after I died I relive all that when I meet you in this life Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media  Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/  Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/  Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd  Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate  Contact Sarvajeet on [email protected]
6/2/20212 minutes, 48 seconds
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लॉकडाउन नगरिया-सर्वजीत Lockdown Nagariya - Poem by Sarvajeet D Chandra

लॉकडाउन नगरिया- सर्वजीत  शोर में डूबा हुआ शहर सन्नाटे से झूझ रहा है गाड़ियों से रौंदा रास्ता इंसानो को ढूँढ रहा है सारी रात दौड़ती मुंबई नज़रबंद सिमटी अकेली है मर्सेडीज़ में दुकान छानते को मिल ना पायी एक मैगी है पटरियों पर उमड़ती भीड़ अब व्हाट्सएप पर बैठी है पोछा लगाते मैनेजर साहब महीने भर ना आयी महरी है चार दीवारों में क़ैद बचपन खेल ना सका, बुझा सा है गाँव से दूर, बेबस मज़दूर सहमा, लाचार, भूखा है लिफ़्ट में कोई दिख जाए तो लगता है आबाद बस्ती है मौत से डरी इमारतों में जीवन की आस, दबी सी है माया में मशगूल शहर सदियों में फ़ुर्सत से बैठा है शक की नज़र, या दोस्ती से पड़ोसी में इंसान को देखा है पता किसे था इस शहर में चिड़िया भी चहचहातीं हैं भूले बिसरे गीत गाते आवाज़ किसी की आती है माँ के हाथ के खाने की स्मृति ज़हन में आयी है छह फुट के फ़ासले ने कुछ नज़दीकियाँ बढ़ाई हैं बचपन कॉलेज के दोस्तों की याद एकदम से आती है नये मिज़ाज की यह दुनिया कुछ दूरियाँ मिटाती है Sarvajeet on Social Media Sarvajeet on Youtube : https://www.youtube.com/user/Indiacreate Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Sarvajeet’s Blog : https://sarvajeetdchandra.wordpress.com/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/
5/17/20211 minute, 35 seconds
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मन की बात - सर्वजीत Mann Ki Baat- Poem in Hindustani by Sarvajeet D Chandra

मन की बात - सर्वजीत कैसे दिलासा दूँ मैं तुमको कैसे दुःख का भागीदार बनूँ तुम्हारी व्यथा को समझूँ कैसे कैसे पीड़ा का निस्तार करूँ गंगा में लावारिस ,बहते शव के संग डूबती मानवता का कैसे उत्थान करूँ आख़िरी यात्रा की मर्यादा छिन्न ना हो देह का कैसे उपयुक्त संस्कार करूँ मूक तानाशाह खून पीते दरिंदों के ख़िलाफ़ बुलंद कैसे आवाज़ करूँ शमशान बनाने वाले, लुब्ध भेड़ियों से देश को कैसे उन्मुक्त, आज़ाद करूँ रोज़ सवेरे उठकर व्हाट्सैप् पर बैठे नयी शोक सभा का इंतज़ार करूँ एम्बुलेंस से तेज दौड़ती है धड़कन ख़ैरियत के लिये कैसे फ़रियाद करूँ अनाथ बच्चों के डरे, सहमे से चेहरे टूटे घर को कैसे फिर आबाद करूँ अस्पताल में दम तोड़ती माँ, पड़ोसी कैसे अलविदा कहूँ, आख़िरी बार मिलूँ तुम थके हो, भूखे, टूटे, अकेले कैसे हौसला दूँ, दो पल का यार बनूँ कुछ तसल्ली, सुकून दूँ तुमको कुछ दर्द बाँटू, एक हमराज़ बनूँ साँस बाक़ी है, है जीने की तमन्ना कैसे ऑक्सीजन दूँ ,तेरा उपचार करूँ सड़क पर दम तोड़ ना दे इंसानियत कैसे मदद करूँ, मुश्किलें आसान करूँ कैसे बदलूँ यह क़हर का मौसम घनी रात में दीपक का आवाहन करूँ गीत गाता हूँ  एक नयी सुबह का मन की बात बोलूँ, इक इंसान बनूँ Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Contact Sarvajeet on [email protected]
5/14/20212 minutes, 56 seconds
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तुम दूर होते काश- सर्वजीत Tum Door Hote Kaash- Sarvajeet D Chandra

तुम दूर होते काश तेरी कशिश में कट जाती जिंदगी की रातें तेरी बेरुखी में बीत जाता मीलों का सफ़र तेरी यादों में तन्हा डूब जाती मेरी शाम तुम दूर होते काश, ना मिलते इधर उधर सपने की तरह बिखर जाती तुम्हारी आस सदियों तक बेक़रार रहती तुम्हारी जुस्तजू ग़ज़ल में ढल जाता तुम्हारा फ़ितूर, जज़्बा अनजान हो जाती तुम, टूटा फूटा सा राब्ता ना गुमान होता कि तुमको भी याद आता हूँ ना ख़लिश सी उभरती दफ़अतन  सीने में ना सूखे फूलों में आती बहार की ख़ुशबू  तुम गुम रहती लापता, ना फ़ॉलो करती अगर... Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media  Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/  Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/  Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd  Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate  Contact Sarvajeet on [email protected]
4/28/20211 minute, 55 seconds
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तुम्हारे हिस्से की मोहब्बत - सर्वजीत Tumhare Hisse Ki Mohabbat - Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra

तुम्हारे हिस्से की मोहब्बत - सर्वजीत तुम भूल जाओ बेशक ,याद करो न कभी उजड़े घर में तुम्हारी खुशबू अब भी आती है तुम्हारा दीदार, सूखे सावन जैसा इंतज़ार तुम्हारे हिस्से की तन्हाई अभी बाकी है तुम छोड़  दो मुझे बेबस ,मँझधार में कहीं तुम्हारी बेवफ़ाई में विवशता नज़र आती है सूनी रात, सूने तारों से लिपटा आसमान तुम्हारे हिस्से की रुसवाई अभी बाकी है ख़ुदा ने उड़ा दिया साथ बैठे दो परिंदों को झूलती हुई डाल में तुम्हारी याद ताजी है ना मिलीं तुम, छान लिया मोहल्ला, आसमाँ तुम्हारे हिस्से की जुदाई अभी बाकी है यह सच है कि हमारे इश्क में वो शिद्दत नहीं मैं हूँ आवारा मदहोश, तू एक हसीं साक़ी है बेशकीमती नहीं, चलो दो कौड़ी  की सही तुम्हारे हिस्से की मोहब्बत अभी बाकी है Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media  Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/  Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/  Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd  Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate  Contact Sarvajeet on [email protected]
3/29/20212 minutes, 18 seconds
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तुम बीच नदी , तुम ही किनारा - सर्वजीत .Tum Beech Nadi, Tum Hi Kinara- Hindi Poem on Love, Longing by Sarvajeet D Chandra

तुम बीच नदी, तुम ही किनारा -सर्वजीत दीपक भी तुम, तुम ही अंधियारा तुम बीच नदी, तुम ही किनारा कभी अकाल, कभी बारिशों का मौसम कभी चुभता दर्द, कभी दिल का सहारा कुछ अपनी, कुछ माँग लिया तुमको कोहरे की आग, जलती-बुझती हो कभी मिली सी, कभी हो जुदा छूकर मुझे, कहीं ओझल सी हो कुछ बंधी हुई, कुछ उन्मुक्त पवन पतंग सी दूर आसमाँ में रहती हो कभी अपने, कभी बेगाने से नयन अकेला हूँ या फिर साथ में बैठी हो आँगन में झाँकती, तुम ठंड की धूप सिमटी, अलग सी हो, है एहसास गुम हो जाओगी, नहीं मिलोगी जंगल में खोयी, किसी बस्ती की राह क्यों ऐसा लगे जब दिल पुकारे तुम पास जितनी, उतनी दूर हमारे खामोशी भरे हैं सब गीत तुम्हारे तुम गुम सी रात, तुम उजियारे रुकी हुईं साँस, दे जीने का सहारा आबाद है शहर, उजड़ा घर हमारा दीपक भी तुम, तुम अंधियारा तुम बीच नदी, तुम ही किनारा Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Contact Sarvajeet on [email protected]
3/21/20213 minutes, 8 seconds
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Caravan Awaits- Poem by Sarvajeet D Chandra.

Caravan Awaits-Poem by Sarvajeet D Chandra Would you be free and not safe To not be a citizen but a lonely sage Row a little boat in the rough sea Fly in a rainy night, unable to see Would you be curious, not full of pride Sit still and marvel, as world speeds by Feel the child in you, that’s barely alive Your creativity awaits, ready for a flight Would you be a lonely shore, not city of lights Live your own joy, not somebody’s life Blossom like moonflower in the night Embrace your fears, they’ll help you fight Would you surge ahead and not retreat To not sail in harbour but in a stormy sea Feel the light when the dawn is still dark Your caravan awaits, when will you embark ? Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Contact Sarvajeet on [email protected]
3/15/20211 minute, 43 seconds
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रावी- सर्वजीत Ravee- A poem by Sarvajeet D Chandra

रावी - सर्वजीत ज़िंदगी गुजर सी गयी है तुम्हारे इश्क़ को समझने में मौसम बीतते रहे उम्र ढलती रही तुम सुलझती रही तुम आसान होती रही साथ  होकर सदियों से भी राज़ थी पहले, कुछ खुलने लगी रातें गुजरती रहीं चिराग़ जल के बुझते रहे मसरूफ़ ज़िंदगी में उलझकर भी तुमसे बेख़बर हम रह ना सके रुखसत हुई तुम जब भी कभी शफ़क की ख़ामोशी में ढूँढते रहे मुख़्तलिफ़ मिज़ाज थे फिर भी रास्ते तुम्हारी ओर मुड़ते ही रहे तुम्हारे चहचहाने  के शोर में गुम ख़ामोश सी दास्ताँ को सुनते रहे तुमसे रुसवा हो भटके दर बदर दुआ में तुमको कभी भुला ना सके दो घड़ी का खेल नहीं है मोहब्बत गुम है राही, भटका क़ाफ़िला है सराब में ढूँढते नशेमन की कहानी है अफ़सानों में छिपी, सितारों की रानी है Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Contact Sarvajeet on [email protected]
3/8/20212 minutes, 22 seconds
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तुमसे जो मिला - सर्वजीत Tumse Jo Mila- Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra. Poems on Love,Romance,Longing

तुमसे जो मिला-सर्वजीत. Tumse Jo Mila- Hindi Poem by Sarvajeet तुमसे जो थोड़ा-बहुत मिला उतना ही मुझे ,सब कुछ लगा थोड़ी जो मोहब्बत मिली उसको संग ले ,जी लिया सूखी नदी पर बसा गाँव गीतों में छिपी खामोशी दूर बैठी सी मुलाक़ात मुख़्तलिफ़ सी अपनी दोस्ती रूखी सी तुम्हारी मुस्कान ठंड की सुबह सी रुसवा भूली हुई सी हमारी याद कभी तो आती होगी तुमको ना मुराद तेरी, ना तुमसे जुदा मंज़िल नहीं, मैं सफ़र का रास्ता नायाब, तुम्हारी ख़ुशबू का मौसम मुख़्तसर, इश्क़ का सिलसिला तुम्हारी हसरत, तुम्हारा परायापन सब कुछ मुझे अपना सा लगा तुमसे जो थोड़ा-बहुत मिला उतना ही मुझे, सब कुछ लगा थोड़ी जो मोहब्बत मिली उसको संग ले ,जी लिया Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Contact Sarvajeet on [email protected]
2/27/20212 minutes, 5 seconds
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Man-At-Arms : Poem by Sarvajeet D Chandra

Man-At-Arms Everyday I rise for a fresh, new battle  Who knows if I will be back home alive How wild is the jungle that I have to cross How skilled the sniper aiming at my heart How big is the fight inside me How far I can swim in a rough sea What kind of fighter they wanted me to be My ancestors never really told me Every day, each fight is a daring adventure  Full of tactics, retreats, a sense of wonder How little I know about the art of war How blessed I have been to live so far I make mistakes, I continue to learn Who knows when the sun will set on me  I dream of far away, unconquerable land A powerful, dreaded, fabled enemy I dream of a fierce fight, with all I have got A fight that will become a folklore, a story Everyday the new me tries to fight The strongest enemy that I can find  Sometimes he hides deep inside me My deepest scars and wounds tell me It is the fight that makes you a hero Not horrific defeat, not glorious victory Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Contact Sarvajeet on [email protected]
2/24/20212 minutes, 34 seconds
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मैं तुम्हारा सपना - सर्वजीत . Main Tumhara Sapna- Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra. On Love, Longing,Romance

मै तुम्हारा सपना हूँ मेरी तालाश में तुम जन्मों का सफर तय करके आयी हो सर्द रातो में ठंडे चूल्हे के पास तुम जब भी किसी का इंतज़ार करोगी वह मेरा इंतज़ार होगा जंगली सड़कों बेजान इमारतों के अकेलेपन में मैं हमेशा तुम्हारे पास रहूँगा इस उदास नीरस जिंदगी में मैं उमंग की लहर बनकर तुम्हारे शरीर में दौड़ूगा और तुम खिल-खिलाकर हँस दोगी तुम्हारे दिल की तेज धड़कन बनकर जब भी तुमसे बात करूँगा मुझे टोकना नही कितनी सारी बातें करनी हैं तुमसे मैं किसी दिन बाँह पसारे ढेरों सा प्यार लिये तुम्हारे पास आऊँगा मुझपर भरोसा रखना मेरा इंतज़ार करना तुम्हारे सिवा मेरा इस दुनिया में कोई नही मुझे तुम्हारी बहुत ज़रूरत है Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Contact Sarvajeet on [email protected]
2/23/20211 minute, 27 seconds
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अन्लॉक ज़िंदगी- सर्वजीत. Unlock Jindagi- Hindi Poem by Sarvajeet D Chandra on Unlocking India & Unlocking Lives

अन्लॉक ज़िंदगी-सर्वजीत रात है उजड़ी हुई सी देखा फ़िर सपना नया है डूबी हुई सी कश्तियों में आस का दीपक जला है छोड़ गाँव,माँ,छोटी सी बिटिया ४ गज की झुग्गी में करा गुज़ारा बेरहम शहर ने फ़िर से उजाड़ा श्रमिक,ग़रीबी ही गुनाह है ख़ौफ़ में सुकून को ढूँढता घमंडी इंसान, टूटा हुआ सा डर और वाइरस के गब्बर को ललकारे, वह रहनुमा कहाँ है दूर हो रहा था मैं अपनो से मसरूफ,अब फ़ुरसत मिली क़ैद होकर सही,अपने मकाँ को फिर घर बनाना कब मना है कैसी बरसात है कि यह शोर गुल सा हो गया है दूर तक फैली खामोशी में गीत गाना कब मना है भूल गए हम गाफ़िल, भटके से प्रकृति के सिखाये फ़लसफ़े रुठी धरती माँ को मानने दबे पाँव जाना कब मना है ज़िद है डोलती कश्तियों की शिकस्त तूफ़ान की ही होगी उजड़कर फिर से बसता रहा हौसला जीने का कब मरा है रूहानियत भरे सबक़ सिखाके सिफ़र में वाइरस घुल जाएगा आज़ाद उड़ेगा पिंजरे का पंछी अन्लाक ज़िंदगी, आलम नया है Connect with Sarvajeet सर्वजीत on Social Media Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Contact Sarvajeet on [email protected]
2/16/20212 minutes, 4 seconds
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कोई विकल्प नहीं -सर्वजीत Koi Vikalp Nahin - Hindustani Poem by Sarvajeet D Chandra . Poetry on Love and Longing

Koi Vikalp Nahi -Sarvajeet  कोई विकल्प नही-सर्वजीत इतना झुलस गया हूँ सहरओं में इतनी नींद कभी मुझे आयी नही उमंग भरता रहा, आस का एक पंछी कैसी है यह प्यास ,गयी बुझाई नहीं कभी एक था मैं, कभी दो बन जाता कभी एक ना रहता, कहाँ जाने खो जाता कभी लगता था मेरे कई हिस्से कुछ अपने रहे ,कुछ बन गये किसके एक क्षण तुम्हारा, मेरी कई रातें एक शब्द तुम्हारा, कहे कितनी बातें एक स्म्रती तुम ,उमड़े मेरा यौवन एक प्रेरणा तुम, भर दे जो जीवन कुछ अनकही बातें ,कभी कह न पाऊँ जाने कितनी यादें ,अपना दिल बहलाऊँ उमड़ गईं तुम, अंगड़ाई है मेरी दिन ढलते जाएं, तन्हाई है मेरी जाने कितने पल ऐसे, बीतते जाएं जुड़ जायें जो शब्द ,गीत बनकर गाएं तुम सामने आती हो तो यह लगता है तुम्हें भूल ही जाऊँ तो अच्छा है कट जाएं अगर खामोशी में रातें हर रोज़ नया सूरज निकलता है बरसता जाए बारिशों का मौसम कश्ती डूब ही जाये तो अच्छा है  Follow Sarvajeet सर्वजीत on Social Media Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Contact Sarvajeet on [email protected]
2/13/20211 minute, 38 seconds
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But You’ll Always Know - Poem by Sarvajeet D Chandra in Indian English. Reflecting on Love, Gratitude, Dreams

But You’ll Always Know - Sarvajeet D Chandra  Nobody will know   If you didn’t count your blessings  Gratitude buds that failed to bloom  Unthankful for little joys, moments, things  Unhappy  But you’ll always know    Nobody will know  If you didn’t avow your love  Feelings swept away in monsoon waters   Life withering away like a waning moon  Heart Broken  But you’ll always know   Nobody will know   If you didn’t care for kith and kin  Too busy for cuddles, bedtime stories  Frenetically climbing a ladder to nowhere  Unloved  But you’ll always know   Nobody will know   If you never lived in the moment  Past soaked in remorse, future in worry  Thoughts like a deafening waterfall   Restless  But you’ll always know   Nobody will know  If you quit your dreams   Didn’t flap your flight-laden wings  Didn’t bloom in the season of new leaves   Scared  But you’ll always know    Follow Sarvajeet सर्वजीत on Social Media Instagram : https://www.instagram.com/sarvajeetdchandra/ Facebook Page: https://www.facebook.com/IndianPoetry/ Twitter : https://twitter.com/sarvajeetd Youtube : https://www.youtube.com/user/IndiaCreate Contact Sarvajeet on [email protected] 
2/13/20211 minute, 38 seconds